शिवरात्रि का व्रत कब खोला जाता है - [ जानिए सही समय•] | Shivratri Ka Vrat Kab Khole- 2022
ओम नमः शिवाय।। भगवान शिव के अत्यंत प्रिय पावन त्यौहार शिवरात्रि पर्व की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं। महाशिवरात्रि पर्व वर्ष में दो बार आता है जिसमें कि फाल्गुन मास वाली शिवरात्रि सर्वश्रेष्ठ एवं सभी मनोरथों को पूर्ण करने वाली मानी जाती है।
शिव के भक्तों के लिए यह शिवरात्रि वरदान के समान है। भगवान शिव के भक्त इस दिन भगवान शिव की पूजा अर्चना करते हैं एवं महाशिवरात्रि का विशेष व्रत भी रखते हैं।
शिवरात्रि के व्रत से जुड़ी कुछ विशेष बातें हम आज आपको बताने वाली हैं। शिवरात्रि का व्रत कब खोला जाता है, इसका सही समय क्या है और व्रत कब से शुरू किया जाता है, व्रत में क्या-क्या खाना चाहिए, क्या नहीं खाना चाहिए व्रत के क्या नियम है-
शिवरात्रि व्रत से जुड़ी विभिन्न जानकारी इस आर्टिकल में दी जा रही है। भगवान शिव के लिए और मां आदिशक्ति के लिए इस आर्टिकल को अंत तक अवश्य पढ़िए। जय शिव शंकर की, जय मां गौरा की।
शिवरात्रि व्रत कब शुरू किया जाता है 🤔
भगवान शिव का अत्यंत प्रिय त्योहार हम सभी के लिए अति आनंद का विषय है। तथा ऐसे समय में हमें भगवान शिव के लिए महाशिवरात्रि का व्रत अवश्य लेना चाहिए।
सवाल यह होता है कि शिवरात्रि का व्रत कब से शुरू किया जाता है। अर्थात किस तिथि से शुरू किया जाता है आपकी जानकारी के लिए बता दें कि महाशिवरात्रि व्रत चतुर्दशी तिथि की सुबह से शुरू किया जाता है। इस वर्ष 2022 में 1 मार्च को शिवरात्रि व्रत है।
अतः 1 मार्च को ही चतुर्दशी तिथि भी है। ऐसी स्थिति में शिवरात्रि से पूर्व के दिन भी शिव के भक्तों को प्याज लहसुन आदि चीजों का त्याग कर देना चाहिए।
शिवरात्रि व्रत के दिन अर्थात चतुर्दशी की सुबह भगवान शिव की पूजा अर्चना करके शिवरात्रि व्रत का संकल्प लेना चाहिए। महाशिवरात्रि के व्रत में कुछ विशेष बातों का विशेष ध्यान रखें।
जैसे कि महाशिवरात्रि के व्रत में क्या क्या खा सकते हैं, क्या नहीं खा सकते हैं इत्यादि बहुत सारी बातें। यदि आप महाशिवरात्रि व्रत में क्या खाया जा सकता है- यह जानना चाहते हैं तो यहां क्लिक करें।शिवरात्रि के व्रत में क्या खाया जाता है- भूल से भी न खाएं ये 05 चीजें चतुर्दशी की तिथि के दिन सुबह भगवान गणेश जी की पूजा कर, मां गौरा की पूजा कर, शिव भगवान का दूध दही आदि पंचामृत से लिंग रूप में रुद्राभिषेक करना चाहिए।
आइए जानते हैं, शिवरात्रि का व्रत कब खोला जाता है, इसका सही समय क्या है, रात को खोलना चाहिए अथवा कब खोलना चाहिए। सही समय।
शिवरात्रि का व्रत कब खोला जाता है
महाशिवरात्रि व्रत चतुर्दशी तिथि को शुरू होता है एवं अगले दिन प्रातः काल इसको खोला जाता है। वास्तविक विधान यही है कि आपको पूरी चतुर्दशी तिथि का व्रत रखना चाहिए और विशेष रूप से रात्रि के चार प्रहर भगवान शिव की पूजा करनी चाहिए।
महाशिवरात्रि का व्रत विशेष रूप से रात्रि के लिए ही होता है। इसीलिए इसको शिवरात्रि कहा जाता है। तीन प्रकार की रात्रि होती हैं- शिवरात्रि, कालरात्रि एवं मोहरात्रि। यह सभी व्रत रात को ही किए जाते हैं।
इसे भी दबाएँ- महामृत्युंजय मंत्र जाप के अद्भुत चमत्कारिक लाभ 💚
इसे भी दबाएँ- शक्ति स्वरूपा मां दुर्गा को प्रसन्न करने के अद्भुत गुप्त रहस्यमयी मंत्र 💚
विशेष रूप से शिव के भक्तों को ध्यान रखना चाहिए कि शिवरात्रि का व्रत विशेष नियमों के साथ में लेना चाहिए। चतुर्दशी की सुबह से अगले दिन सुबह तक इस व्रत को रखना चाहिए। इसमें चार पहर की पूजा होती है।
शिवरात्रि के चार पहर की पूजा का समय
शिवरात्रि व्रत व पूजा समय (चार प्रहर पूजा) |
|
|
|
|
शिवरात्रि व्रत का विशेष विधान यही है। चतुर्दशी तिथि के दिन ही शिवरात्रि का पूरा व्रत किया जाता है। जब से चतुर्दशी तिथि शुरू होती है तब से व्रत शुरू किया जाता है, और जब चतुर्दशी का समापन होता है तब तक व्रत को रखा जाता है।
उसके बाद ही व्रत खोला जाता है। इसलिए रात्रि के 04 पहर भगवान शिव की पूजा एवं उनका व्रत रखना विशेष अनिवार्य है। इस प्रकार व्रत करने से भगवान शिव की असीम कृपा प्राप्त होती है। जय शिव शंकर की। जय माँ गौरा की।
इन्हें भी देखें 👇👇
- शिवरात्रि का व्रत कब खुलता है?
शिवरात्रि व्रत खोलने का सही समय चतुर्दशी तिथि का अन्तिम प्रहर होता है। अर्थात् अगले दिन की शुबह शिवरात्रि व्रत खोला जाता है।
- क्या शिवरात्रि के व्रत में नमक खा सकते हैं?
शिवरात्रि के व्रत में नमक बिल्कुल खा सकते हैं। शिवरात्रि के व्रत में केवल सेंधा नमक खाना चाहिए। साधारण नमक बिल्कुल न खाएं।
- शिवरात्रि व्रत में क्या क्या खाना चाहिए?
यदि आप यह जानना चाहते हैं कि शिवरात्रि व्रत में क्या क्या खा सकते हैं व किन चीजों का परहेज़ करना चाहिए तो- यंहा क्लिक करें- शिवरात्रि के व्रत में क्या खाया जाता है- भूल से भी न खाएं ये 05 चीजें शिवरात्रि के व्रत में खायी जाने वाली सभी चीजों की लिस्ट यंहा 👆👈👆 दी गयी है।
- शिवरात्रि का व्रत कैसे खोला जाता है?
महा शिवरात्रि व्रत विशेष ध्यानपूर्वक व नियम पूर्वक विधि विधान से खोलना चाहिए। अगले दिन शुबह भगवान शिव की यथाशक्ति यथाभक्ति पूजा करके , भगवान गणेश व महागौरी का पंचोपचार पूजन कर शिव भगवान का लिंग रूप में अभिषेक करना चाहिए। भोग प्रसाद , आरती आदि कर शिवरात्रि का व्रत खोलें।
0 Comments
आपको यह लेख (पोस्ट) कैंसा लगा? हमें कमेंट के माध्यम से अवश्य बताएँ। SanskritExam. Com वेबसाइट शीघ्र ही आपके कमेंट का जवाब देगी। ❤